शिक्षा ऋण एवं छात्रवृति योजना
शिक्षा ऋण एवं छात्रवृति योजना
एक सशक्त एवं शिक्षित समाज के निर्माण में उच्च शिक्षा विशेषतया प्रोफेशनल शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है। शिक्षा एक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास एवं उसे प्रतियोगी धार प्रदान करती है। ट्रस्ट में इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा एवं प्रोफेशनल कोर्स करने की इच्छा रखने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों हेतु एक उच्च शिक्षा ऋण योजना प्रारम्भ की है।
इस योजना के तहत समाज के उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को ब्याज मुक्त ऋण तथा असाधारण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत करना प्रस्तावित है।
योजना के उद्देश्य
- प्रोफेशनल शिक्षा का प्रोत्साहन एवं प्रतिभाओं की पहचान करना,
- उच्च एवं प्रोफेशनल शिक्षा प्राप्त करने हेतु समाज के युवा विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता (ऋण) प्रदान करना।
- उच्च सेवाओं के प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग संस्थानों में प्रवेश पर वित्तीय सहायता (ऋण) देना।
वित्तीय ऋण एवं छात्रवृत्ति योजनाएँ
उच्च एवं प्रोफेशनल शिक्षा वित्तीय ऋण
- ट्रस्ट उच्च एवं प्रोफेशनल शिक्षा अर्जित करने वाले विद्यार्थियों द्वारा व्यय की गई राशि (ठहरने एवं खाने-पीने के अतिरिक्त) का पूर्ण या आशिंक रूप से पुनर्भरण ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
- इस हेतु ऋण आवेदन पत्र के साथ-साथ एक अधिघोषणा (अण्डरटेकिंग) एवं जमानती (इन्डेम्निटी) बाण्ड हस्ताक्षर कर प्रदान करना होगा।
नोट :- आवेदन पत्र के साथ दो समाज बंधुओं के प्रतिभूति बंध पत्र के स्थान पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों अथवा ट्रस्टी के प्रतिभूति बंध पत्र देने अनिवार्य होंगें। - विद्यार्थी को ऋण या प्रथम चेक मिलने की तिथि से तीन माह में ‘ उपयोगिता प्रमाण- पत्र’ ट्रस्ट को प्रस्तुत करना होगा।
- ऋण की अधिकतम सीमा प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष रु एक लाख से अधिक नहीं होगी तथा यह भी गत वर्ष में विद्यार्थी के शैक्षणिक परिणामों पर आधारित होगी, जिसके लिए उसे आगामी वार्षिक किस्त के लिए आवेदन करते समय अंकतालिका व अन्य दस्तावेजों को संलग्न करना होगा।
- इन नियमों के अन्तर्गत दिये जाने वाले ब्याज मुक्त ऋण की अधिकतम सीमा राशि रु 5 लाख तथा इसकी समयावधि 48 माह की होगी।
उच्च एवं प्रोफेशनल शिक्षा छात्रवृति
अतिजरूरतमंद समाजबन्धु जिनकी पारिवारिक आय एक लाख प्रतिवर्ष तक हो, विधवा, परिव्यक्ता व निराश्रित महिलाओं के आश्रितों को उपर्युक्त पाठ्यक्रमों के साथ व्यावसायिक व रोजगार परक सर्टिफिकेट व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए
छात्रतृति निम्न अनुसार दी जा सकेगी।
- सर्टिफिकेट कोर्स 10,000/- प्रतिवर्ष
- डिप्लोमा कोर्स 15,000/- प्रतिवर्ष
- डिग्री कोर्स 20,000/- प्रतिवर्ष
- पी.जी कोर्स 25,000/- प्रतिवर्ष
नोट :-जिनको ऋण दिया जायेगा, उनको छात्रवृति नहीं दी जायेगी, दोनों मे से एक ही देय होगा।
व्यक्तियों / संस्थानों द्वारा प्रायोजित उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति
- कोई समाज बंधु / उद्यमी / संस्थान , योग्य एवं जरूरतमंद विद्यार्थी / विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के व्यय (शैक्षणिक शुल्क, पुस्तकें) की प्रतिपूर्ति की दृष्टि से गोद ले सकेगा।
- इस हेतु समाज बंधु उद्यमी / संस्थान द्वारा ट्रस्ट को आवेदन कर अपनी इच्छा, उच्च शिक्षा की प्रकृति व व्यय प्रतिपूर्ति की उनकी योजना प्रस्तुत करनी होगी तथा तत्सम्बंधित अपेक्षित राशि (पूरी अध्ययन समयावधि की) ट्रस्ट कोष में अग्रिम जमा करानी होगी।
- इस योजना में लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्ति के पश्चात शैक्षणिक न्यास का सदस्य बनना अनिवार्य होगा।
- उच्च शिक्षा में शामिल विभिन्न कोर्स के पूर्ण होने तक शैक्षिक गोदनामा प्रभावी रहेगा अर्थात किसी वर्ष विशेष के व्यय की प्रतिपूर्ति की बजाय संपूर्ण डिग्री अर्जित करने तक की शिक्षा समयावधि इसमें निहित होगी।
- इस योजना में महिला विधवा/ परित्यक्ता को शिक्षित करना एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जायेगी।
- इस योजना के अंतर्गत 5 विद्यार्थियों को गोद लेकर उनकी उच्च शिक्षा का प्रबंध करने वाले समाज बंधु / संस्थान को भामाशाह न्यासी का सम्मान दिया जायेगा तथा वे पदेन भामाशाह न्यासी माने जायेंगे।
योग्यता एवं पात्रता
- उच्च एवं प्रोफेशनल शिक्षा, उच्च सेवाओं हेतु प्रतियोगी परीक्षा तथा प्रोफेशनल कोर्सेज हेतु प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु ऐसे प्रतिभावान युवाओं को दिया होगा
- जिन्होंने कक्षा 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक अर्जित किए हो। जिनके अभिभावकों की सालाना आय ₹ 5,00,000 से अधिक न हो।
- अत्यधिक कमजोर आर्थिक स्थिति की परिस्थिति में 2 प्रतिशत तक शिथिलता संवीक्षा समिति की अनुशंसा पर न्यास अध्यक्ष द्वारा दी जा सकेगी।
- यदि किसी विद्यार्थी का प्रवेश उच्च शिक्षण के प्रतिष्ठित संस्थाओं यथा आई.आई.टी / एन.आई.टी / आई.आई.एम / एम.बी.बी.एस हेतु राज्यीय मेडिकल कॉलेज में हो जाता है। ऐसे विद्यार्थी द्वारा संस्थान में प्रवेश का प्रमाण प्रस्तुत करने पर न्यूनतम अंक प्राप्ति की अर्हता को शिक्षा परामर्शदात्री एवं संवीक्षा समिति द्वारा शिथिलता दी जा सकेगी ।
- विधवा महिला को पुत्र/ पुत्रियों के संबंध में इन नियमों में वर्णित पाठयक्रमों से संबंधित उच्च शिक्षा अध्ययन हेतु न्यूनतम अंक 75 प्रतिशत के प्रावधान में शिथिलता दी जाकर उनके ऋण प्राथमिकता से स्वीकृति किए जा सकेगें ।
- ऐसे विद्यार्थी के मामले में जो जरूरतमंद है लेकिन अर्हता परीक्षा में न्यूनतम अंक अर्जित नहीं हुए है , उसके अन्यथा पात्र होने पर न्यास की शिक्षा परामर्शदात्री एवं संवीक्षा समिति न्यूनतम अंकों में 10 प्रतिशत तक शिथिलता हेतु अनुशंसा कर सकेंगी ।
- न्यास के पदाधिकारीगण एवं उसके परिवार के सदस्य (पति/पत्नी/पुत्र) के अतिरिक्त अन्य न्यासीगण को अथवा उनके परिवार के सदस्यों को न्यास के उच्च शिक्षा के नियमों के अन्तर्गत लाभ दिया जा सकेगा ।
सम्मिलित पाठ्यक्रम
अ)
- प्रबंधन योग्यता (केवल आई. आई. एम/ एक्स. एल. आर. आई या कोई अन्य राष्ट्रीय/ अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रबंधन महाविद्यालय द्वारा)
- चार्टड एकाउन्टेंट/ कोस्ट एकाउन्टेंट/ कम्पनी सचिव योग्यता वाले कोर्स हेतु
- इंजीनियरिंग उपाधि (केवल आई.आई.टी/ एन.आई.टी/ आई.आई.एस.सी. या कोई अन्य राष्ट्रीय/ अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रोद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा)
- एम.बी.बी.एस या मेडिकल की विभिन्न शाखाओं में पोस्ट ग्रेज्यूएट डिग्री हेतु
- एल.एल.बी या एल.एल.एम. योग्यता (केवल एन.एल.यू या कोई अन्य राष्ट्रीय/ अंतराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त महाविद्यालय द्वारा)
- विश्वविद्यालय से संबंध महाविद्यालयों द्वारा संचालित रोजगार परक व्यावसायिक व तकनीकी क्षेत्र से संबंधित शिक्षा व प्रशिक्षण के डिग्री पाठ्यक्रम।
- राजकीय/केन्द्रीय विश्वविद्यालय अथवा इनसे संबंध महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीकी, प्रबंध पाठ्यक्रम, स्नातकोतर कोर्स
नोट:- क्रम संख्या 6 व 7 पाठ्यक्रमों को द्वितीय वरियता दी जायेगी।
ब) उच्च सेवाओं एवं प्रोफेशनल प्रवेश हेतु/प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु वित्तीय सहायता/ऋण
- राज्य या केन्द्र की सिविल सेवाओं, न्यायिक सेवाओं की परीक्षा (केवल प्रारंभिक परीक्षण उतीर्ण विद्यार्थियों हेतु)
- आई. आई. टी., जे. ई. ई. परीक्षा (केवल प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों हेतु)
- एन.एल.यू. केन्द्रीय प्रवेश परीक्षा
नोटः ट्रस्ट के पास उपर्युक्त सूचियों में अन्य योग्यता जोडने व इसमें कोई संशोधन करने का अधिकार होगा।
अतिरिक्त सूचना
ऋण हेतु चयन प्रक्रिया
- प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में सामाजिक पत्रिकाओं एवं वेबसाइट में ऋण आवेदन हेतु विज्ञप्ति ट्रस्ट द्वारा दी जाकर, आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएगे।
- प्रबंध कार्यकारिणी द्वारा गठित संवीक्षा समिति, निर्धारित योग्यतानुसार अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों को छंटनी कर गत क्वालीफाइंग परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले एवं निम्नतम आय वाले को प्राथमिकता प्रदान करते हुए प्रत्यर्थियों का ‘मेरिट कम आय’ के आधार पर उस निर्धारित राशि के प्रावधान को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाएगा।
किसी भी आवेदन को स्वीकार एवं अस्वीकार करने का अधिकार ट्रस्ट की प्रबंध कार्यकारिणी समिति के पास रहेगा। समिति का निर्णय अन्तिम व मान्य होगा।
वांछित दस्तावेज
ऋण लेने के लिए इच्छुक समाज के प्रतिभावान एवं युवा विद्यार्थियों को निम्नांकित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे ।
- सरकार के सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जारी किया गया अभिभावक का आय प्रमाण-पत्र
- कक्षा 10वीं एवं 12वी. की संबंधित बोर्ड द्वारा जारी अंक तालिका।
- जन्म तिथि प्रमाण हेतु 10वीं कक्षा का प्रमाण-पत्र।
- उपरोक्त पैरा 6 में वर्णित किसी कोर्स में समाज के प्रतिभावान एवं युवा विद्यार्थियों द्वारा किये जाने वाले कोर्स में एडमिशन का प्रमाण-पत्र एवं कोर्स का विस्तृत विवरण।
- पूर्णतया भरा हुआ आवेदन पत्र जो ट्रस्ट के जिलाध्यक्ष, संभागाध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष अथवा राष्ट्रीय अध्यक्ष या कार्यकारिणी सदस्य से अनुशंसित किया हुआ हो (आवेदन पत्र का प्रारूप ट्रस्ट के कार्यालय व ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा)
- हस्ताक्षरित अधिघोषणा (अण्डरटेकिंग) एवं जमानती (इन्डेम्निटी) बाण्ड जो प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट/नोटेरी पब्लिक से प्रमाणित हो।
नोट : गलत सूचना/ दस्तावेज देने की स्थिति में आवेदन ऋण को अस्वीकार किया जा सकेगा। यदि भुगतान पूर्व में किया जा चुका हो तो ऋण अदायगी की तिथि से 18 प्रतिशत वार्षिक की दर से दण्डनीय ब्याज के साथ वसूला जाएगा।
ऋण वसूली
ऋण वसूली संबंधित शिक्षा के पूर्ण होने पर एक वर्ष के अन्तराल के पश्चात 36 बराबर मासिक किस्तों में की जाएगी प्रतियोगी / प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु ऋण की दशा में परीक्षा चयन से नियुक्ति अथवा संबंधित कोर्स पूरा होने के एक वर्ष पश्चात् वसूली की जाएगी। इसमें कोई विलंब होने पर देय राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देय होगा। तीन या अधिक किस्तों में विलंब होने पर 12 प्रतिशत ऋण प्राप्ति की दिनांक से सम्पूर्ण राशि पर देय होगा।
नोट:- अधिक जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें